Anecdotal Record क्या है और कैसे तैयार करना है- DELED SBA

what is Anecdotal Record in SBA. how to write DELED School Based Activities Anecdotal Record ? File Format For NIOS DELED Anecdotal Record (based on specific observation). how to create Anecdotal Record file in Hindi, English and Gujarati. NIOS DELED 1st semester Anecdotal Record (based on specific observation) information provide for hindihelpguru.

नमस्कार friends, आपको पता ही होगा की DELED के लिए Best Quality materials HindiHelpGuru के सिवा और कोई दे नहीं पायेगा. आज हम SBA की और Information दे रहे है. bed और education के related colleges में Anecdotal Record यानि विद्यालय/छात्र का वृतांत के आधार पर अभिलेख तैयार करना होता है. Anecdotal एक ऐसा word है जिसे समजने में कई लोग confused हो जाते है. वैसे तो hindi में इसे उपाख्यानात्मक या फिर वास्तविक भी  जाता है.

Anecdotal Record क्या है?

स्कूलों के प्रबंधन के लिए यह अपनी पूरी जानकारी संकलित करने के लिए आवश्यक हो जाता है। सभी स्कूलों के लिए दस्तावेज होना चाहिए। विभिन्न रूपों और फाइल उनके लिए स्कूलों में रखी जाती हैं। एक शिक्षक के रूप में, स्कूल प्रशासन के आवश्यक अभिलेखों का ज्ञान जाना चाहिए। ऐसे सभी वास्तविक आंकड़ों का रिकॉर्ड एक Anecdotal Record कहा जाता है।

जैसे आप अपनी कक्षामे अपने छात्रो का प्रगति report तैयार करते है वैसे ही school प्रसाशन और इसके प्रबंधन की जानकरी के लिए सभी रिकॉर्ड तैयार किये जाते है. ये सभी ऐसे रिकॉर्ड होते है जिसका रखरखाव principal के द्वारा या फिर अध्यापक की सहायता से तैयार किये जाते है. आप इसके अवलोकन के आधार पर आपकी टिपण्णी – या इसके बारे में आपकी जानकारी बता सकते है.

आप deled कर रहे है तो आपने अवलोकन अभिगम के बारे में पढ़ा होगा. किसी रिकॉर्ड का अवलोकनात्मक अभ्यास करके आपकी  – स्कूल प्रशासन और अध्यापन प्रक्रिया में बदलाव करके इसे सरल बनाना ही इसका उदेश्य होता है. Anecdotal Record इसका ही एक पार्ट है.

what is Anecdotal Record

how to write Anecdotal Record ( SBA)?

अभिलेख के बारे में  अवलोकन के आधार पर लिखना है. मतलब आपको विद्यालय के विविध अभिलेख – रिकॉर्ड  का अवलोकन करना है. schoolके सभी रिकॉर्ड जो वास्तविक है इसे कैसे बनाये जाते है, निभाए जाते है. ये इसका काम क्या है ये सभी जानकारी इकठ्ठा करनी है. और इन सभी Anecdotal Record के बारे में शोर्ट में लिखना है.

Anecdotal Record कैसे तैयार करे ?

आपको उपर बता दिया है की Anecdotal Record क्या है और इसमे क्या लिखना है. अब आपके पास इसका सही format होना चाहिए. जो आप इसमे सभी Point को आसानी से लिख सके. समज सके.

वैसे हमने इसका format तैयार कर दिया है. ये hindi में available है. आप इसे PDF format में download कर सकते है और महज कुछ ही मिनिट्स में Anecdotal Record तैयार कर सकते है. साथ में Maintenance of school/class records and registers की सभी files आपको मिल जाएगी.

Anecdotal Record SBA format File PDF :  Download  

HindiHelpGuru की इस file को download करने के बाद print कर लेना है. और इसमे बताये सभी Topic पर आपको Notes तैयार करना है. कैसे क्या लिखना है इसकी कुछ जानकारी आपको यहाँ से दी जा रही है.

1. सबसे पहले आपको front page तैयार करना है. ( हमने format में दे दिया है )

2. समीक्षक या अवलोकन कर्ता की सभी जानकारी लिखनी है.

3. सभी रिकॉर्ड की सभी जानकारी लिखनी है. ( जो format में बताई है )

4. इन सभी Anecdotal Record के उअपयोग के बारे में लिखना  है.

Anecdotal Record Example in hindi

 

सबसे पहले अपने विधायल में मौजूद सभी अभिलेख – रिकॉर्ड का लिस्ट तैयार करे.

हम यहाँ example के तौर पर कुछ अभिलेख का लिस्ट दे रहे है.

1 . शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर 

विद्यालय के सभी शिक्षको की daily उपस्थिति और अनुपस्थिति की जानकारी मिलती है.  ये एक निरंतर इस्तेमाल किया जानेवाला रजिस्टर है. हर साल के लिए इसकी नयी कॉपी बनायीं जाती है. शिक्षक की कुछ जानकारी के साथ सभी शिक्षक के name लिखे होते है. प्रतिदिन विद्यालय में उपस्थित होने वाले teachers इसमे हस्ताक्षर करते है.

2 छात्र प्रवेश रजिस्टर –

यह विद्यालय का अधिकृत अनिवार्य तथा स्थाई अभिलेख हैं। इसमें छात्र के सम्बन्ध में पूर्ण सूचना संरक्षित रहती हैं। नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि आदि स्पष्ट व बिना काट- छांट के होनी चाहिये। जिस तिथि को जिस कक्षा में प्रवेश दिया जाता हैं उसका उल्लेख आगे के काॅलम में लिखा जाता हैं। फिर पटशवरीक्षा परिणाम के अनुसार आगे की कक्षा में प्रविष्ट तारिख लिख दी जाती हैं। जिस तिथि को नाम काटा गया या टी.सी. दी हो वह अंकित की जाती हैं। एक बार जो प्रवेश क्रमांक दिया गया हैं, वह क्रमांक उस विद्यालय में छात्र के अध्ययन की अन्तिम तारीख तक रहता हैं।

3. अतिथि पंजिका : visit Books

जब कोई नए मेहमान, शीर्ष अधिकारी या फिर स्कूल के पर्यवेक्षक आते है तो अपनी उपस्थिति – अपने विचार, विद्यालय के लिए कुछ मार्गदर्शन इस विजिट book में लिखते है.

4. पत्र प्रेषक रजिस्टर : 

विद्यालय में दुसरे विद्यालय, education department या फिर और कोई की और से पत्राचार होता है. आनेवाले सभी पत्रों का रखरखाव करना होता है. इसके लिए पत्र प्रेषक रजिस्टर रखा जाता है.

5. प्रवेश आवेदन पत्र –

यह प्रपत्र छात्र का संरक्षक / पिता प्रवेश के समय भरकर प्रधानाध्यापक को प्रस्तुत करता हैं। इसी के आधार पर छात्र प्रवेश पंजिका में उक्त छात्र का नाम दर्ज किया जाता हैं। इसमें अध्यापक यह ध्यान रखे कि छात्र के पिता व माता का नाम स्पष्ट हो, छात्र का पूरा नाम स्पष्ट हो, जन्मतिथि अंको व शब्दों में स्पष्ट अंकित हो, उसमें किसी प्रकार की काट छांट न हो। जन्म तिथि प्रमाण के लिये जन्म प्रमाण पत्र जो कि सम्बन्धित पंचायत या नगरपालिका द्वारा प्रमाणित हो। कक्षा 5 तक तो जांच द्वारा बिना T.C. यदि वह योग्य हो तो प्रवेश दिया जा सकता हैं। कक्षा 6 व उससे आगे की कक्षा हेतु प्रवेश के लिये पूर्व कक्षा उतीर्ण का प्रमाण पत्र लगाना चाहिये।

6. स्थानान्तरण प्रमाण पत्र –

अंतिम कक्षा उतीर्ण करने पर या नाम कटने के पश्चात संरक्षक की प्रार्थना पत्र पर छात्र का स्थानान्तरण प्रमाण पत्र दे दिया जाता हैं। उसमें नाम, जन्म तिथि, विद्यालय में अध्ययन अवधि व अंतिम कक्षा का उल्लेख स्पष्ट होता हैं। T.C. देने से पूर्व सभी सम्बन्धित अध्यापकों – पुस्तकालयाध्यक्ष आदि से लिखित में यह पता लगा लिया जाता हैं कि छात्र में किसी प्रकार की राशि व सामग्री बकाया तो नहीं हैं। पहले बकाया राशि वसूल कर T.C. दी जाये।

7.  रसीद बुक –

विद्यालय में सरकारी राशि व विद्यालय की राशि ( लोकल फण्ड) की राशि की दो अलग अलग रसीद बुक होनी चाहिये। कुछ विद्यालय में एक ही रसीद बुक में सरकारी व लोकल फण्ड अलग अलग काॅलम में अंकित कर दी जाती हैं। सरकारी राशि जो राज्य सरकार में जमा होती हैं जैसे- टी.सी. फीस, प्रवेश शुल्क, अनुपस्थिति राशि, शिक्षण शुल्क हैं। लोकल फण्ड की राशि – परीक्षा शुल्क, पुस्तकालय,गेम्स, विकास, कार्यानुभव आदि यह राशि लोकल फण्ड की कैशबुक में जमा कर समय- समय पर संस्थाप्रधान इनका उपयोग करता हैं। प्राप्त राशि का योग अंको व शब्दों में लिखना चाहिये। प्राप्त राशि किस मद में ली जाती हैं उसका उल्लेख करना चाहिये।

8. छात्र उपस्थिति रजिस्टर –

छात्र उपस्थिति रजिस्टर का संधारण कक्षाध्यापक करता हैं जिसका प्राय: उस कक्षा में प्रथम कालांश होता हैं। उस छात्र उपस्थिति रजिस्टर में कक्षाध्यापक दिन में दो बार उपस्थिति अंकित करता हैं। अनुपस्थिति व अवकाश की स्थिति में लाल स्याही से प्रविष्टी की जाती हैं। अंत में योग लगाकर माह में कुल उपस्थिति लिखता हैं। निर्धारित उपस्थिति होने पर ही छात्र वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित हो सकता हैं।

9. समय विभाग चक्र –

प्रधानाध्यापक के कक्ष में दो प्रकार के समय विभाग चक्र होते हैं-
(1) कक्षानुसार समय विभाग चक्र – इससे यह पता चलता हैं कि कक्षा में कौनसे अध्यापक, किस विषय का, किस किस दिन कालांश में शिक्षण कार्य करेंगे।
(2) अध्यापकानुसार समय विभाग चक्र – इससे यह पता चलता हैं कि अध्यापक किस किस दिन, किस कक्षा में व किस कालांश में शिक्षण कार्य करायेंगे। तात्पर्य यह हैं कि प्रधानाध्यापक इन समय विभाग के द्वारा आसानी से अपने कक्षा में बैठा हुआ ज्ञात कर लेता है कि अमुक गुरूजी इस समय में किस कक्षा में कौनसा विषय पढा रहे हैं।

10.पुस्तकालय अभिलेख –

उच्च प्राथमिक स्तर तक पूस्तकालय प्रभारी किसी एक अध्यापक को बना दिया जाता हैं। माध्यमिक विद्यालयों में स्वतंत्र रूप से पुस्तकालयाध्यक्ष होता हैं। पुस्तकालय में तीन प्रकार के रजिस्टर होते हैं –

(1) पुस्तकों का सामान्य रजिस्टर –

विद्यालयों में जैसे जैसे पुस्तकें क्रय की जाती हैं उनको इस रजिस्टर में अंकित कर उस पर क्रमांक अंकित कर दिया जाता हैं। इस रजिस्टर में नाम पुस्तक, भाग, लेखक, मूल्य, विषय क्रमांक, क्रय तिथि, बिल नम्बर आदि काॅलम होते हैं।

(2) विषयानुसार रजिस्टर –

प्रत्येक विषय का अलग अलग रजिस्टर होता हैं, उसमें विषयानुसार क्रमांक – सामान्य रजिस्टर क्रमांक, नाम पुस्तक, लेखक लिखा जाता हैं। इस रजिस्टर में सामान्य पुस्तक रजिस्टर के आधार पर प्रविष्टि की जाती हैं।

(3) पुस्तकालय इश्यू रजिस्टर –

छात्र विषयानुसार रजिस्टर में वांछित पुस्तक का क्रमांक एक पर्ची में लिख देता हैं। पुस्तकालयाध्यक्ष वह पुस्तक निकालकर कार्ड में व इश्यू रजिस्टर में अंकित कर छात्र को पढने के लिये दे देता हैं। सामान्य रूप से एक छात्र एक पुस्तक 15 दिन से अधिक नहीं रख सकता। अवधि के बाद पुस्तक जमा कराने पर प्रतिदिन के हिसाब से आर्थिक दण्ड जमा कराना पड़ता हैं।
( पुस्तकें विषयानुसार विषय क्रमांक अनुसार अलग अलग अलमारियों में रखनी चाहिये। )

 

 

SBA Anecdotal Record Example in English

वैसे तो हम यहाँ अभी Anecdotal Record file format और इसका semple – example file नहीं दे रहे है. क्युकी हमने इसका english format भी नहीं बनाया है. 2 -4 दिन में जब english format बन जायेगा. आपको यहाँ इसका example file free download लिंक मिल जायेगा.

ये भी पढ़े : 

 

2 Comments

  1. Rajendra Chauhan March 11, 2018

Leave a Reply

Top 10 Love Romantic Song 2018Download
+