मेरी माँ पर निबंध My Mother Short Essay Hindi Class 5 to 8

March 11, 2019 Education, Study Materials
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माँ पर निबंध लिखे. मेरी माँ पर भाषण : बच्चो के लिए : पाठशाला में पढ़ते छात्रों के लिए  निबंध एक आवश्यक अंग है. इस लेख में  मेरी मां, मां का प्यार, मां की ममता,  मातृप्रेम, 10 Lines on My Mother in Hindi, Hindi Essay on Maa, Essay On Meri Maa In Hindi, maa par Nibandh PDF Hindi me Importance of Mother in Hindi, Essay for Kids on My Mother in Hindi class 5, 6, 7 and class 8 student. जैसे Related विषय आधारित 10 – 20 से ज्यादा लाइनों में निबंध दिया गया है. 

Contents

My Mother Short Essay Hindi

यह लेख मेरी मां पर निबंध की आधारित है.  बच्चों के लिए इस हिंदी निबंध में मां के बारे में बच्चों के विचार को बताया गया है.

my Mother essay hindi

मेरी माँ पर निबंध

       ‘ माँ शब्द में कितनी मिठास है। से शब्द  का उच्चारण करते ही वात्सल्य की जीती-जागती मूर्ति आखो के सामने खडी हो जाती है। इस छोट-से शब्द में ममता का भंडार भरा है।  

        मेरी माँ दिनभर कुछ न कुछ काम करती रहती है। गृहस्थी की हर चीज पर उसकी नजर रहती है।  वह घर की साफ-सफाइ करती है वह घर को सजाकर रखती ही। वह परिवार के हर सदस्य का पूरा ख्याल रखती है। वह पिताजी के हर काम में उनकी सहायता करती ही।  मेरी पढ़ाई -लिखाई , भोजन, कपडे आदि का इतजाम मेरी माँ ही करती है।

    मेरी माँ बहुत मिलनसार और दयालु है । वह घर आए रिश्तेदर और मेहमानो का प्रसन्न होकर स्वागत करती है।  मेरे मित्र और मेरी बहन की सहेलियों को वह बहुत प्यार करती है। घर के नौकर-चाकर उसे अपनी माँ जैसा ही सम्मान देते है।

   मेरी माँ धार्मिक विचार की है। वह प्रतिदिन मंदिर जाती है। हमारे घर में भी एक छोटा-सा मंदिर है। मेरी माँ सुबह-शाम इस मंदिर में दीपक और अगरबती जलाती है। भगवान के चरणों में फूल चढाती है और हाथ जोड़कर भगवान की पूजा करती है। वह ज्यादा पढ़ी -लिखी नही है , फीर भी अंधविश्वासों और रूढ़ियों को नही मानती। वह छुआछूत में विशवास नही करती। मेरी माँ का मन उदार और हदय विशाल है। वह हमें खूब पढ़ाना चाहती है उसकी इच्छा है की हम पढ़-लिखकर योग्य बने और अपने पैरो खड़े हो , ईमानदार और स्वाभिमानी नागरिक बने।

   सचमुच में मेरी माँ स्नेह , ममता , कर्तव्य -पालन और सदभावना की जीती -जागती प्रतिमा है। मेरे जीवन-निर्माण का श्रेय मेरी माँ को ही है। मै अपनी माँ बहूत प्यार करता हूँ। सुबह उठाकर सबसे पहले मै अपनी माँ के चरण छूता हूँ , माँ मुझे  आशीवाद देती है।

   माँ की सेवा , प्यार और ममता का ऋण मै कभी नही चुका सकता।

   माँ तुजे शत-शत प्रणाम।

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