What is Soft copy and Hard copy – सॉफ्ट कॉपी हार्ड कॉपी की जानकारी

January 3, 2020 Computer Tips, General Knowledge, Useful Tricks

आपने Soft copy and hard copy शब्द पहले कई बार सुना होगा और काफी हद तक आप इसका मतलब भी समझते होंगे. लेकिन बहुत से लोग सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी को लेकर confuse होते रहते हैं. चूंकि ये शब्द रोजमर्रा की जिन्दगी में काफी बार use किये जाते हैं इसीलिए आपको इस बारे संपूर्ण जानकारी होना चाहिए जिससे आपको कभी भी इन शब्दों को लेकर confusion न हो.

हमारा आज का यह आर्टिकल इसी Topic में होने वाला है कि soft copy और hard copy क्या होती है? हम यहाँ पर soft copy और hard copy के सारे तथ्यों को जानेंगे तथा इससे जुड़ी full information आपको उपलब्ध कराएँगे ताकि आप इसे अच्छे तरीके से समझ सकें.

Soft Copy and Hard Copy की जानकारी

Soft copy और hard copy एक ऐसी term है जिसका उपयोग अधिकतर digital क्षेत्रों तथा व्यापारिक क्षेत्रों में किया जाता है. हालांकि दोनों के उद्देश्य लगभग एक जैसे हैं, दोनों का उपयोग written material और data को store अथवा present करने के लिए किया जाता है. हालांकि बात की जाए इनकी defination की और इनमें difference की तो दोनों एक दुसरे के बिलकुल विपरीत हैं.

Soft Copy और Hard Copy क्या होती है?

यहाँ हम बहुत ही आसान शब्दों में Soft copy तथा hard copy की defination जानेंगे ताकि हम दोनों के बारे में अलग अलग जानकारी प्राप्त कर सकें.

    Soft copy and Hard copy ki jankari Hindi me

    Soft Copy क्या होती है – Soft Copy Defination in Hindi

    Soft copy digital document file होती है अर्थात इसे छुआ नहीं जा सकता है. यह आमतौर पर Device की storage में save रहती है (Pc, mobile, tablet etc.). इन्हें कुछ Softwares के माध्यम से देखा तथा edit किया जा सकता है जैसे word processing program, presentation software या फिर अन्य किसी software के माध्यम से इन्हें खोला जा सकता है ये उस soft copy के file type अथवा extension पर निर्भर करता है.

    Hard Copy क्या होती है – Hard Copy Defination in Hindi

    Hard copy term soft copy के बिलकुल विपरीत है. यह किसी भी media की physical printout होती है अर्थात इसे हाथ से पकड़कर भी पढ़ा जा सकता है अथवा देखा जा सकता है. Hard copy के कुछ प्रमुख उदाहरण newspaper, books, magzines, comics आदि हैं. इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी Data को physical रूप से सुरक्षित रखना होता है.

    Difference Between Hardcopy and Softcopy

    अब सवाल आता है कि Soft copy और hard copy में क्या अंतर है? देखिये दोस्तों जब अंतर की बात होती है तो उनमें फायदे भी देखे जाते हैं इसीलिए हम आपको कुछ उदाहरण के माध्यम से समझायेंगे इसके लाभ तथा हानि द्वारा इनके बीच के अंतर को समझायेंगे.

    यह निर्भर होता है कि हमारी जरूरत हमें किस प्रकार की है तथा हमें उसे कैसे प्रस्तुत करना है. एक Hard copy को आप हाथ से स्पर्श कर सकते हैं, पकड़ सकते हैं जबकि सॉफ्ट कॉपी को सिर्फ edit किया जा सकता है तथा monitor अथवा diplay की मदद से उसे देखा जा सकता है.

    दोनों के अपने अलग अलग फायदे हैं पर दोनों के अलग अलग बहुत से नुकसान भी हैं. मान लीजिये आप यदि 10 page की book यदि soft copy में रखते हैं तो आपको मात्र कुछ storage का खर्च आएगा वहीँ इसकी जगह यदि 10 page की book यदि hard copy बनायी जाये तो ink तथा paper का खर्च आएगा.

    सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी में क्या अंतर है

    वहीँ यदि portability की बात की जाए तो मान लीजिये आप 10,000 pages hard copy रखते हैं तो उनको साथ में रखकर चलने में आपको बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा लेकिन soft copy को सिर्फ एक pen drive में रखकर चला जा सकता है.

    Soft copy कभी भी crash हो सकती है, accidently delete हो सकती है या फिर जिस device में वो सुरक्षित वह भी crash हो सकती है. लेकिन वहीँ hard copy को physically सुरक्षित किया जा सकता है जो की पूरी तरह से अपने ऊपर निर्भर रहता है. साथ ही सॉफ्ट कॉपी को हाथ में पकड़कर पृष्ठ पलटाकर hard copy की तरह नहीं पढ़ा जा सकता है.

    यदि कहीं पर दस्तावेज भेजने की बात की जाए तो मान लीजिये आपको एक certificate की hard copy 100 k.m. भी भेजना है तो उसमें आपके पैसे, मेहनत और समय खर्च होगा जबकि सॉफ्ट कॉपी को सिर्फ email के माध्यम से कुछ ही seconds में कहीं पर भी भेजा सकता है.

    Hard copy में editing करना बहुत ही मुश्किल कार्य है और इससे उसके रूपक में फर्क भी आ सकता है जबकि soft copy में बहुत ही आसानी से editing की जा सकती है.

    • advantages of soft copy output.
    1. -Easy to format
    2. -Easy to edit.
    3. -Large information can occupy small space

    Soft Copy और Hard Copy कैसे तैयार की जाती है?

    आइये जानते हैं Soft copy और hard copy दोनों को कैसे तैयार किया जाता है. इससे आपको ये मालूम हो जायेगा की हार्ड कॉपी किसके द्वारा प्राप्त की जाती है. कैसे बनायीं जा सकती है.

    Soft Copy कैसे तैयार की जाती है?

    Soft copy PC , Mobile जैसी devices की मदद से supported programs ms word, photoshop, notepad, wps office, open office, text editor आदि के माध्यम से तैयार किया जाता है.

    Hard Copy कैसे तैयार की जाती है?

    Hard copy printer, teleprinter जैसी devices की मदद से तैयार किया जाता है इसमें ink, paper आदि का उपयोग भी किया जाता है.

    Soft Copy और Hard Copy कैसे इस्तेमाल होती है?

    दोस्तों जैसा कि दोनों के अलग अलग लाभ तथा हानियाँ हैं इसीलिए दोनों को ही अलग अलग उद्देश्यों से प्राथमिकता दी जाती है.

    Soft Copy कैसे इस्तेमाल होती है?

    सॉफ्ट कॉपी किसी document को portable रूप से कम जगह में सहेजने के लिए इस्तेमाल होती है. यदि इसे कहीं दूर भेजना है तो भी यह अधिक फायदेमंद विकल्प है. साथ ही यह Editable होती है अर्थात किसी document में कुछ जोड़ना या अलग करना है तो उसके लिए soft copy का ही इस्तेमाल किया जाता है.

    Hard Copy कैसे इस्तेमाल होती है?

    Hard copy का इस्तेमाल documents, memo, order bill, ticket, reciept आदि को represent करने के लिए किया जाता है. वहीँ इसका उपयोग magzine, book, flex, advertisement, catalog आदि के लिए भी किया जाता है. यह इसीलिए फायदेमंद है क्योंकि इसे किसी भी व्यक्ति को किसी device आदि के बिना खर्चे के भी दिखाया जा सकता है.

    दोस्तों इस आर्टिकल में हमने Hard copy तथा soft copy से जुड़े सारे points cover किये हैं जिससे की आप इसके बारे में आसानी से समझ सकें. उम्मीद करता हूँ इस आर्टिकल से आपको कुछ सीखने मिला होगा तथा आपकी मदद हुई होगी.

    हार्ड कॉपी को सॉफ्ट कॉपी में कैसे कन्वर्ट करे

    मान लीजिए आपके पास 10-12 page का कोई लेख है, जो पेपर पर लिखा है और आपको उसकी सॉफ्ट कॉपी चाहिए। ऐसे में क्या आप 10-12 पेज दोबारा टाइप करने बैठेंगे? नहीं, online कई tools है जो आपकी मदद करेंगे.

    1. यह काम आप अपने Google Drive के द्वारा आसानी से कर सकते है. आपको हार्ड copy को गूगल drive में अपलोड करना है. और इसे राईट क्लिक करके google document में ओपन करना है. आपको एक word file मिल जाएगी.
    1.  एक Software भी मिलता है, जिसका नाम है- Optical character recognition (इसे OCR भी कहाँ जाता है )। आमतौर पर हम स्कैन किए जाने वाले दस्तावेजों को इमेज या पीडीएफ फॉर्मैट में कंप्यूटर में सहेजते हैं, लेकिन OCR Software की मदद से उन्हें Text Format में भी Convert करके स्टोर कर सकते है.
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