Sai Baba Evening Aarti lyrics PDF – साईं बाबा की आरती

इस लेख में हमने साईं बाबा की आरती लिरिक्स दिया गया है. सभी तरह की साईं बाबा की आरती आपको यहाँ से मिलेगी. यहाँ से आपको Sai Baba Evening Aarti lyrics In Hindi, English, Telugu, Malayalam, Marathi, Gujarati, Kannada जैसे सभी language के word के साथ pdf में मिलेगा. इसे आप यहांसे फ्री download कर पाएंगे.

Shree Shiradi Sai Baba Evening Aarti lyrics Free Download PDF

श्री शिरडी साईं बाबा की आरती

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।
भक्तजनों के कारण, उनके कष्ट निवारण॥
शिरडी में अवतरे, ॐ जय साईं हरे॥ ॐ जय…॥

दुखियन के सब कष्टन काजे, शिरडी में प्रभु आप विराजे।
फूलों की गल माला राजे, कफनी, शैला सुन्दर साजे॥
कारज सब के करें, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय…॥

काकड़ आरत भक्तन गावें, गुरु शयन को चावड़ी जावें।
सब रोगों को उदी भगावे, गुरु फकीरा हमको भावे॥
भक्तन भक्ति करें, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय…॥

हिन्दु मुस्लिम सिक्ख इसाईं, बौद्ध जैन सब भाई भाई।
रक्षा करते बाबा साईं, शरण गहे जब द्वारिकामाई॥
अविरल धूनि जरे, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय…॥

भक्तों में प्रिय शामा भावे, हेमडजी से चरित लिखावे।
गुरुवार की संध्या आवे, शिव, साईं के दोहे गावे॥
अंखियन प्रेम झरे, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय…॥

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।
शिरडी साईं हरे, बाबा ॐ जय साईं हरे॥

श्री सद्गुरु साईंनाथ महाराज की जय॥

Sai Baba Aarti lyrics in Hindi

आरती श्री साई गुरुवर की परमानन्द सदा सुरवर की
जाके कृपा विपुल सुख कारी दुःख शोक संकट भ्ररहारी
आरती श्री साई गुरुवर की..

शिर्डी में अवतार रचाया चमत्कार से तत्व दिखाया
कितने भक्त शरण में आए वे सुख़ शांति निरंतर पाए
आरती श्री साई गुरुवार की…

भाव धरे जो मन मैं जैसा साई का अनुभव हो वैसा
गुरु को उदी लगावे तन को समाधान लाभत उस तन को
आरती श्री साई गुरुवर की…

साईं नाम सदा जो गावे सो फल जग में साश्वत पावे
गुरुवार सदा करे पूजा सेवा उस पर कृपा करत गुरु देवा
आरती श्री साई गुरुवर की ….

राम कृष्ण हनुमान रूप में दे दर्शन जानत जो मन में
विविध धरम के सेवक आते दर्शनकर इचित फल पाते
आरती श्री साई गुरुवर की….

जय बोलो साई बाबा की ,जय बोलो अवधूत गुरु की
साई की आरती जो कोई गावे घर में बसी सुख़ मंगल पावे
आरती श्री साई गुरुवर की…

अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक राजा धिराज योगी राज ,जय जय जय साई बाबा की
आरती श्री साई गुरुवर की परमानंद सुरवर की …

Sai Baba Aarti Hindi PDF Download

Shirdi Sai Baba Evening Aarti Lyrics– Dhooph Aarati English

Shree Sachidananda Sadguru Sainath Maharaj Ki jai

Aarati Sai Baba Saukya datara jeeva Charana rajataali
Dyava dasam visava bhaktam visava Aarati Sai Baba

Jaaluni aananga swaswa rooopi rahe danga Moo mooksha jana dani
Nija dolaa ranga dolaa sri ranga Aarati Sai Baba

Jaya mani jaisa bhava taya taisa anubhava daavisi daya ghana
Aisi tuji he mava tuji hi mava Aarti Sai Baba

Tumache nama dyata , hari samskruti vyada agaada tavakarani
Maarga davisi anaada davisi anaada Aarti Sai Baba

Kaliyugi avataara saguna para brahma sachara avateerna jalase
Swami dattaa digambara dattaa digumbara Aarti Sai Baba

Ata divasa guru vaari bhakta kariti vaari prabhu pada pahavaya
Bhava baya nivaari bayaa nivaari Aarti Sai Baba

Maja nija dravya teva tava charana raja seva
Maagave hechi aata tuma devaadi deva devadi deva Aarti Sai Baba

Ichita dina chaataka nirmala toya nija sooka
pajave madhavaya sambala apooli baaka apooli baaka Aarti Sai Baba

Saukya dataara jeeva charana rajatali
Dyava dassam visava bhaktam visaava Aarti Sai Baba

Sai Baba Aarti In English PDF

साईं बाबा की आरती- 2

आरती उतारे हम तुम्हारी सांई बाबा।
चरणों के तेरे हम पुजारी बाबा।।
विद्या बल बुद्धि, बंधु माता पिता हो।
तन मन धन प्राण, तुम्ही सखा हो।।
हे जगदाता अवतारे, सांई बाबा।
आरती उतारे हम तुम्हारी सांई बाबा।।

ब्रह्म के सगुण अवतार तुम स्वामी।
ज्ञानी दयावान प्रभु अंतरयामी।।
सुन तो विनती हमारी सांई बाबा।
आरती उतारे हम तुम्हारी सांई बाबा।।

आदि हो अनंत त्रिगुणात्मक मूर्ति।
सिंधु करुणा के हो उद्धारक मूर्ति।।
शिरडी के संत चमत्कारी सांई बाबा।
आरती उतारे हम तुम्हारी सांई बाबा।।

भक्तों की खातिर जनम लिए तुम।
प्रेम ज्ञान सत्य स्नेह, मरम दिए तुम।।
दुखिया जनों के हितकारी सांई बाबा।
आरती उतारे हम तुम्हारी सांई बाबा।।

Sai Baba Original AArti Video Song

Sai Baba Aarti Images – Photos

sai shej aarti lyrics in Hindi pdf

  • 1.ओंवाळूं आरती माइया सदगुरुनाथा

ओंवाळूं आरती माइया सदगुरुनाथा, माइया साईनाथा ।।
पांचाही तत्वांचा दीप लाविला आतां ।।

निर्गुणाची स्थिति कैसी आकारा आली । बाबा आकारा आली ।
सर्वा घटीं भरुनि उरली सांई माउली ।। ओंवाळूं 0 ।।

रज तम सत्व तिघे माया प्रसवली । बाबा माया प्रसवली ।
मायेचिये पोटीं कैसी माया उद्घवली ।। ओंवाळूं 0 ।।

सातसागरी कैसा खेळ मांडीला । बाबा खेळ मांडीला ।
खेळूनियां खेळ अवघा विस्तार केला ।। ओंवालूं 0 ।।

ब्रहांडींची रचना दाखविली डोळां । बाबा दाखविली डोळां ।
तुका म्हणे माझा स्वामी कृपाळू भोळा ।। ओंवाळू 0।। 

  • 2. आरती ज्ञानरायाची

आरती ज्ञानरायाची
आरती ज्ञानराजा ।  महाकैवल्यतेजा ।
सेविती साधुसंत ।  मनु वेधला माझा ।।

लोपलें ज्ञान जगीं ।  हित नेणती कोणी ।
अवतार पांडुरंग ।  नाम ठेविलें ज्ञानी ।।आरती ज्ञानराजा 0।।

कनकाचें ताट करीं ।  उभ्या गोपिका नारी ।
नारद तुंबरहो ।  सामगायन करी ।। आरती ज्ञानराजा 0।।

प्रगट गुहृ बोले ।  विश्व ब्रहचि केलें ।
राम जनार्दनी ।  पायीं मस्तक ठेविलें ।। आरती ज्ञानराजा 0।।

  • 3. आरती तुकारामाची

आरती तुकारामाची
आरती तुकारामा ।  स्वामी सदगुरुधामा ।
सच्चिदानन्द मूर्ती ।  पाय दाखवीं आम्हां ।। आरती तुकारामा ।

राघवें सागरांत ।  जैसे पाषाण तारिले ।
तैसे हे तुकोबाचे ।  अभंग रक्षिले ।। आरती तुकारामा ।

तुकितां तुलनेसी ।  ब्रहृ तुकासी आलें ।
म्हणोनी रामेश्वरं ।  चरणीं मस्तक ठेविलें ।। आरती तुकारामा ।

  • 4.जय जय साईनाथ आतां

जय जय साईनाथ आतां पहुडावें मंदिरीं हो ।।  (x2)
आळवितों सप्रेमें तुजला आरति घेउनि करीं हो ।। जय 0 ।

रंजविसी तूं मधुर बोलुनी माय जशी निज मुला हो ।।(x2)
भोगिसि व्याधी तूंच हरुनियां निजसेवकदःखाला हो ।। (x2)
धांवुनि भक्तव्सन हरिसी दर्शन देसी त्याला हो ।।(x2)
झाले असतील कष्ट अतिशय तुमचे या देहाला हो ।। जय 0 ।

क्षमा शयन सुंदर ही शोभा सुमनशेज त्यावरी हो । (x2)
ध्यावी तोडी भक्त-जनांची पूजनादि चाकरी हो ।। (x2)
ओंवाळीतों पंच्राण, ज्योति सुमती करीं हो ।। (x2)
सेवा किंकर भक्त प्रीती अत्तर परिमळ वारी हो ।। जय 0 ।

सोडुनि जाया दुःख वाटतें साई त्वच्चर णांसी हो । (x2)
आज्ञेस्तव तव आशीप्रसाद घेउनि निजसदनासी हो ।।(x2)
जातों आतां येऊं पुनरपि त्वच्चरणाचे पाशीं हो । (x2)
उठवूं तुजला साइमाउले निजहित सादायासी हो ।। जय 0 ।

  • 5.आतां स्वामी सुखें निद्रा

आतां स्वामी सुखें निद्रा करा अवधूता । बाबा करा साइनाथा ।।
चिन्मय हें सुखधामा जाउनि देवा पहुडा एकांता ।।

वैराग्याचा कुंचा घेउनि चौक झाडीला । बाबा चौक झाडीला ।।
तयावरी सुप्रेमाचा शिडकावा दिधला ।। आतां 0 ।।

पायघडया घातल्या सुंदर नवविधा भक्ती । बाबा नवविधा भक्ती ।।
ज्ञानाच्या समया लावुनि उजळल्या ज्योती ।। आतां 0 ।।

भावार्थाचा मंचक हृदयाकाशी टांगिला । बाबा काशीं टांगिला ।।
मनाचीं सुमनें करुनी केलें शेजेला ।। आतां 0 ।।

द्घैताचें पाट लावुनि एकत्र केलें । बाबा एकत्र केलें ।।
दुर्बुद्घीच्या गांठी सोडूनि पडदे सोडीले ।। आतां 0 ।।

आशा तृष्णा कल्पनेचा सांडुनि गलबला । बाबा सांडुनि गलबला ।।
दया क्षमा शांति दासी उभ्या सेवेला ।। आतां 0 ।।

अलक्ष्य उन्मनी घेउनी बाबा नाजुक दुःशाला । बाबा नाजुक दुःशाला ।।
निरंजन सदगुरु स्वामी निजवीले शेजेला ।। आतां 0 ।।

।। सच्चिदानद सद्गुरु साईंनाथ महाराज की जय ।। ।। श्री गुरुदेव दत्त ।।

  • 6.पाहें प्रसादाची वाट

पाहें प्रसादाची वाट ।  घावें धुवोनियां ताट ।।

शेष घेउनी जाईन ।  तुमचें झालिया भोजन ।।

झालों आतां एकसवा ।  तुम्हा आळंवावो देवा ।।

तुका म्हणे आतां चित्त ।  करुनी राहिलों निश्चित ।।

  • 7.पद, प्रसाद मिळाल्यावर

 पावला प्रसाद आतां विठो निजावें । बाबा आता निजावे ।
आपला तो श्रम कळों येतसे भावें ॥
आतां स्वामी सुखें निद्रा करा गोपाळा । बाबा साई दयाला। 
पुरलें मनोरथ जातों आपुल्या स्थळा ॥

तुम्हांसी जागवूं आम्हीं आपुलिया चाडा । बाबा आपुलिया चाडा ।
शुभाशुभ कर्मे दोष हरावया पीडा ॥ आतां स्वामी 0।।

तुका म्हणे दिधलें उच्छिष्टाचें भोजन । उच्छिष्टाचें भोजन ।
नाहीं निवडिलें आम्हां आपुलिया भिन्न ॥ आतां स्वामी 0।।

।। सतगुरु साईं नाथ महाराज की जय ।। 

Sai Baba Aarti Lyrics In Marathi

Sai Baba Aarti Lyrics Marathi PDF

आरती साई बाबा | सौख्यदातार जीवा. चरनरजातलि |
द्यावा दासा विसावा | भक्ता विसावा || आरती साई बाबा ||

जाणुनिया अनंग | सस्वरुपी राहे दंग |
मुमुक्षुजन दावी | निज डोळा श्रीरंग || १ || आरती…||

जया मनी जैसा भाव | तयातैसा अनुभव |
दाविसी दयाघना | ऐसी तूझी ही माव तुझी ही माव || २ || आरती…||

तुमचे नाम ध्याता | हरे संस्क्रुतिव्यथा |
अगाध तव कारणी। मार्ग दाविसी अनाथा , दाविसी अनाथा ॥ ३ ॥ आरती… ॥

कलियुगी अवतार। सगुण परब्रह्म साचार।
अवतीर्ण झालासे। स्वामी दत्त दिगंबर दत्त दिगंबर | ४ ॥ आरती… ॥

आठां दिवसा गुरुवारी। भक्त करिती वारी।
प्रभुपद पहावया। भवभय निवारी , भय निवारी॥ ५ ॥ आरती…॥

माझा निजद्रव्य ठेवा। तव चरणरजसेवा।
मागणे हेची आता। तुम्हां देवाधिदेवा , देवाधिदेवा॥ ६ ॥ आरती… ॥

इच्छित दीन चातक। निर्मल तोय निजसुख।
पाजावें माधव या। सांभाळ आपुली भाक , आपुली भाक॥ ७ ॥ आरती… ॥

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